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बुखार का रामबाण इलाज – देसी नुस्खे और घरेलु उपाय

बुखार एक आम बीमारी हैं जो की प्रत्येक मानव को होती रहती हैं. शरीर में बाहरी संक्रमण का प्रवेश कर जाना, मौसम का अचानक बदलना आदि बुखार के कारण बनते हैं. बुखार क्या होता है – बुखार और कुछ नहीं बल्कि शरीर की एक प्रक्रिया हैं , जब हमारे शरीर में कोई बाहरी संक्रमण प्रवेश कर जाता हैं तो शरीर उस संक्रमण से अपनी रक्षा करने के लिए प्रतिरोध करता हैं . इस प्रतिरोध में शरीर का तापमान काफी बढ़ जाता हैं और इसी को हम बुखार आना कहते हैं.

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यहां हम इसी विषय में बुखार का इलाज व घरेलु उपचार के बारे में जानेंगे इसमें हम बुखार के घरेलु नुस्खे व उपाय का उपयोग करेंगे . Best remedies for high fever treatment in Hindi language with the help of ayurveda. पुराना बुखार, तेज बुखार, बार-बार बुखार आना, सर्दी लगकर बुखार आना, बुखार आने के बाद की कमजोरी आदि इन सभी के उपाय के बारे में हम आपको रामबाण उपचार बताएंगे आगे पढ़िए बुखार उतारने के इलाज के बारे में .

बुखार का इलाज करने के घरेलु नुस्खे – Fever Treatment At Home in Hindi

  1. अदरक की चाय, अदरक का काढ़ा और स्नान करे
  2. तुलसी की चाय और तुलसी का काढ़ा पिए
  3. तुलसी, सोंठ, छोटी पीपर, गिलोय सत का काढ़ा पिए
  4. रोजाना तुलसी के पत्ते खाये
  5. बाबा रामदेव (पतंजलि) ज्वरनाशक क्वाथ का सेवा करे
  6. गिलोय का काढ़ा पिए तुरंत इलाज होगा
  7. रोजाना मुनक्का खाये
  8. खांसी होने पर हल्दी सेंक कर खाये
  9. पोदीना की चाय और काढ़ा पिए सर्दी दूर होगी आदि पड़े पूरा लेख

बुखार आने के लक्षण

जोड़ों व हाथ पैरों में दर्द होना, जी मिचलाना (घबराना), गले में कफ बनना खराश होना, ठण्ड लगना, शरीर में आलस्य व सुस्ती आना, शारीरिक कमजोरी आना, जरा सा काम करने पर थकान महसूस होना, कई रोगियों को बुखार में सिर का दर्द भी होता हैं, चिड़चिड़ापन आता हैं, एक जगह बैठने का मन करता हैं आदि यह सभी बुखार के सामान्य संकेत होते हैं .

बुखार आने के कारण

ज्यादातर बुखार मौसम के परिवर्तन के कारण आता हैं इसका कारण होता हैं कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता. जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी उन्हें आसानी से बुखार नहीं आता फिर चाहे मौसम कैसा ही हो और जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती हैं उन्हें मौसम में जरा से परिवर्तन होने पर ही सर्दी जुकाम हो जाता हैं तो बार -बार बुखार आना इसी वजह से होता हैं. ऐसे बुखार के घरेलु इलाज के लिए नुस्खे – रोजाना सुबह खाली पेट ~ 3-4 तुलसी के पत्ते खाये रोजाना इस उपाय को करने से जीवन भर बुखार नहीं आएगा .

वायरल बुखार के कारण

वायरल बुखार यानि संक्रमित बुखार यह किसी बाहरी संक्रमण के शरीर में प्रवेश कर जाने से होता हैं. इस बुखार में गले में दर्द, गले में खराश और ज्यादा सर्दी होना आदि लक्षण दिखाई देते हैं.

बुखार के 7 घरेलु इलाज और उपाय (Treatment Of Fever in Hindi)

बुखार के लिए रामबाण काढ़ा – Fever Treatment

जरुरत 22 हरे पत्ते वाली तुलसी के पत्ते, 11 ग्राम सुखी हुई अदरक जिसे सोंठ भी कहते हैं , 11 पीपर (छोटी) इसके टुकड़े कर ले, 6 ग्राम गिलोय सत.

विधि: बताई गई इन सभी वस्तुओ को एक साथ लेकर बारीक -बारीक पीस लें, तुलसी के पत्ते, सोंठ, गिलोय सत, छोटी पीपर आदि इन सभी को अच्छे से कूटकर बारीक कर लें . इसके बाद 1 ग्लास पानी लें और उसमे यह सभी चीजे मिला दें. अब आखिर में एक बर्तन या कटोरा लें और उसमे यह 1 ग्लास पानी मिला कर उस कटोरे / बर्तन को गैस की आग पर रख दें.

अब आप इसे अच्छे से उबाले, जब तक यह पानी आधा न रह जाए तब तक इसे उबालते रहे फिर आखिर में जब पानी आधा रह जाए तब इसे गैस से उतारकर ठंडा होने दें और फिर रोगी को पीला दें. इसका प्रयोग दिन में से 2 3 बार तक करना होता हैं, इस बुखार की दवा को लेने के बाद आप आराम करे खुली हवा में न जाए.

बुखार के लिए तुलसी रामबाण उपाय होती हैं, अगर कोई व्यक्ति रोजाना सुबह के समय तुलसी के 5 पत्ते खाता हैं तो उसे जिंदगी में कभी बुखार , सर्दी जुकाम नहीं होता साथ ही ऐसा करने से उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ जाती हैं . जिन लोगों को तेज बुखार, वायरल बुखार, बार-बार बुखार आने की शिकायत होती हैं उनको तुलसी का रोजाना सेवन करना चाहिए यह बेहतरीन आयुर्वेदिक उपचार हैं.

तुलसी हैं बुखार का आयुर्वेदिक इलाज

16 तुलसी के पत्ते, इलाइची, लौंग और कालीमिर्च इन तीनो को 4 की मात्रा में लेवे, थोड़ा सा गूढ़, 11 ग्राम अदरक भी लेवे और आखिर में 450 ग्राम पानी ले लें. इन सभी सामग्री को लेने के बाद आप सबसे पहले एक बर्तन में बताई गई मात्रा में पानी डालकर आग पर उबालना शुरू करे. जब पानी उबलना शुरू होने लगे तो इसमें कालीमिर्च, लौंग, अदरक, गुड़ इन सभी को बारीक़ पीसकर डाल दें.

इन सभी को डालने के बाद 1-2 मिनट रुके और फिर तुलसी के पत्तों को इस पानी में डाल दें. अब सभी सामग्री डाली जा चुकी हैं अब वक्त हैं थोड़ी देर इंतजार करने का. जब यह पानी उबलकर आधा रह जाए तब इसे गैस पर से उतार लें और ठंडा होने का इंतजार करे. इसे आप रोजाना रात को सोने से पहले प्रयोग में लाये, इसका सेवन करने के बाद आप पानी न पिए व खुली हवा में भी न जाए.

तुलसी का काढ़ा पिने से बुखार में बहुत लाभ होता हैं , यह काढ़ा सामान्य बुखार व वायरल बुखार दोनों तरह के ट्रीटमेंट में रामबाण होता हैं . इसके सेवन से रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती हैं, सर्दी जुकाम दूर होता हैं, कफ की शिकायत ख़त्म हो जाती हैं.

दूसरा तरीका

श्याम तुलसी के 20 पत्ते तोड़कर एक बर्तन में डाल दें और इस बर्तन में एक गिलास पानी भी मिला दें. अब गैस चालु कीजिये और इस पानी को खूब उबालिये, इसे तब तक उबालते रहे जब तक की यह एक गिलास पानी उबलकर आधा न रह जाए. जब यह उबलकर आधा रह जाए तो इसे गैस से निचे उतार लें और इसमें थोड़ा सा गूढ़ मिला दें फिर जब यह ठंडा हो जाए तो रोगी को पीला दें. चाहे कितना ही तेज बुखार हो यह काढ़ा उसका उपचार कर देगा, इस उपाय को आप दिन में दो से तीन बार तक आजमा सकते है.

नोट: इस काढ़े का सेवन करने के बाद खुली हवा में न जाए और 1 घंटे तक पानी भी न पिए बस कम्बल ओढ़कर आराम करे , जल्द ही आराम होगा.

बुखार में नहाना चाहिए की नहीं

अगर रोगी के तबियत ज्यादा गंभीर हैं, उसे तेज बुखार आता हैं तो ऐसी स्थिति में बुखार में नहीं नहाना चाहिए . जब बुखार हल्का हो जाए और आपको तबियत में थोड़ा सुधार दिखने लगे तो गर्म पानी से नाह सकते हैं. इसके अलावा बुखार में ठन्डे पानी से तो बिलकुल भी न नाहये.

तेज बुखार में बर्फ का सेंक

तेज बुखार आने पर डॉक्टर भी ठन्डे पानी का सेंक करने की सलाह देते हैं , ऐसा करने से (high temperature fever) तेज बुखार से आराम मिलता हैं. इसके लिए एक सूती कपडा लें और इसे ठन्डे पानी में भिगोकर अपने सिर पर इसकी पट्टी रखे, जब पट्टी का पानी सुख जाए तो इसे दुबारा पानी में डुबोकर अपने सिर पर रखें.

अगर आप पानी की पट्टी सिर पर नहीं रखना चाहते तो इसके बदले आप बर्फ के टुकड़ों का प्रयोग भी कर सकते हैं. इसके लिए एक पॉलीथिन लें और उसमे बर्फ के बारीक-बारीक टुकड़े करके रख लें. अब सबसे पहले अपने सिर पर एक कपडा रख लें और उस कपडे के ऊपर यह बर्फ की पॉलीथिन रख लें.

बुखार का इलाज पतंजलि बाबा रामदेव

पतंजलि आयुर्वेदिक केंद्र पर एक ज्वरनाशक काढ़ा (क्वाथ) दिया जाता हैं इसके प्रयोग से सभी तरह के बुखार दूर हो जाते हैं . इसके लिए आपने अपने क्षेत्र में जहां भी पतंजलि स्टोर हो वहां पर जाकर यह ज्वरनाशक क्वाथ खरीद लें और पतंजलि स्टोर वालों से पूछे की इस क्वाथ का प्रयोग कैसे करना हैं, वह आपको सारी जानकारी दे देंगे.

“बुखार में गिलोय का काढ़ा भी अचूक होता हैं , इसके कुछ ही दिनों के सेवन से चाहे कैसा भी बुखार हो दूर हो जाता है . गिलोय को आप आयुर्वेदिक स्टोर्स पर से आसानी से प्राप्त कर सकते हैं इसका सेवन आप ज्वरनाशक क्वाथ के साथ भी कर सकते हैं ”

हजारों बार आजमाया गया रामबाण इलाज

अगर आपको सामान्य बुखार हैं यानी अभी बुखार की शुरुआत ही हुई हैं तो ऐसे में आप यह उपाय आजमा सकते हैं. यह उपाय इतना असरकारी हैं की इसे हजारों बार बुखार के रोगी को दिया हैं और परिणाम में लाभ ही हुआ हैं. इसके प्रयोग से सर्दी जुकाम और खांसी दोनों में आराम मिलता हैं.

जरुरत अदरक और शहद – 7-8 ग्राम अदरक लें और इसे अच्छे से बारीक बारीक पीस लें , जितना बारीक हो सके पिसे फिर अदरक के 7-8 ग्राम रस को एक या आधी चम्मच शहद में मिलाये . शहद और अदरक दोनों को अच्छे से मिला लें. अब इसे रोगी को चटवा दें, रोगी जीबन के जरिये इसे चाट-चाट कर खाले. इस उपाय को रोजाना रात को सोने से पहले व सुबह उठने के बाद करे.

नोट: अदरक और शहद के इस प्रयोग को करने के बाद आपको 1 घंटे तक कुछ भी खाना व पानी आदि कुछ भी नहीं पीना हैं . आप इसका प्रयोग करने से पहले ही पानी पि ले बाद में पानी बिलकुल भी न पिए.

लौंग सबसे आसाम उपाय

यह लौंग का उपाय सबसे आसान हैं, अगर आपको सामान्य बुखार हैं तो आप इसे जरूर आजमाए. एक लौंग अच्छे से बारीक़-बारीक़ पीसकर हलके गर्म पानी के साथ लेने से बुखार जल्द ही ठीक हो जाता हैं. इस प्रयोग को आप दिन में तीन से चार बार करे, हर बार एक-एक लौंग लें. इसका प्रयोग करने के बाद खुली हवा में न जाए व आराम करे.

कमजोरी को दूर करने के लिए

पुदीना बुखार से आई कमजोरी को दूर करने में बहुत मदद करती हैं इसके लिए आप थोड़ा सा पुदीना लें और इसे करीबन 1 कप पानी में मिला कर अच्छे से उबाल लेवे. पूरी तरह उबल जाने के बाद इसे किसी कपडे अथवा छन्नी के उपयोग से इसे छान ले और ऊपर से इसमें जरा सी मिश्री मिला देवे. इसे पुदीना की चाय कहते हैं, बुखार से आई कमजोरी को दूर करने के लिए आप इसे दिन में 2-3 बार तक पि सकते हैं.

बड़े मुनक्का (बुखार में किशमिश Raisins)

मुनक्का में बुखार उतारने की अद्भुत क्षमता होती हैं, इसके सेवन से टाइफाइड, वायरल बुखार, सामान्य बुखार आदि में अत्यंत लाभ होता हैं. बुखार में मुनक्का खाने से दो बड़े लाभ होते हैं पहला रोगी के शरीर में जो भी विषैले संक्रमण हैं वह सभी नष्ट हो जाते हैं और दूसरा इससे बुखार में आई कमजोरी दूर हो जाती हैं.

22 बड़े मुनक्का लें और इन्हे थोड़े पानी में मिला दें, जब यह पानी में पड़े-पड़े मुलायम हो जाए तो इन्हें पानी में से निकाल कर एक तरफ रख लें और फिर इन मुनक्का को दबा-दबा कर इनमे से रस निकाले, इस रस को एक कप में इकट्ठा कर लें. अगर आप रस नहीं निकालना चाहते तो इन मुनक्कों को आप सीधे ही खा भी सकते हैं बस इनके अंदर के बीज को न खाये.

इसके अलावा आप मुनक्का को पानी में उबालकर भी उस पानी को पि सकते हैं (बाकी बुखार में मुनक्कों को बिना पानी में डुबोकर खाने से भी लाभ होता हैं, लेकिन उतना नहीं होता जितना इनको पानी में डुबोकर सेवन करने से होता हैं)

अदरक का उपाय करे – Fever Treatment At Home Hindi

अदरक भी बुखार में बहुत फायदेमंद होता हैं, इसमें ऐसे गुण होते हैं जो की सर्दी जुकाम व बुखार को ख़त्म करने में मदद करते हैं. हम इसका दो तरह से प्रयोग कर सकते हैं पहला हैं अदरक के पानी से स्नान और दूसरा हैं अदरक की चाय.

अगर आपके पास बाथटब हैं तो उसमे गर्म पानी डाले और बाद में अदरक का पाउडर 2-3 चम्मच डाले (बड़ी चम्मच) और अच्छे से मिला दें. अब आखिर में आप इस पानी में लेट जाए और करीबन 11-12 मिनट तक इसीमें लेटे रहे. समय होने पर अपने शरीर को अच्छे से साफ़ कर लें और बिस्तर में जाकर सो जाए इस प्रयोग को करने के बाद आपको तेज गर्मी आएगी, इसलिए कंबल रजाई ओढ़कर लेट जाए और गर्मी को आने दे इससे आपका बुखार खत्म हो जायेगा.

चाय बनाने के लिए सबसे पहले थोड़ा सा अदरक लें और उसे बारीक पीसकर बर्तन में डाल दें और ऊपर से 2 कप पानी मिला दें अब इसे अच्छे से उबाल लें और आखिर में स्वाद के लिए इसमें थोड़ी सी शहद भी मिला दें और फिर रोगी को यह चाय पीला दें.

Lettuce पत्ता गोभी का पानी

थोड़ा पानी लें और उसमे lettuce मिला दें, अब इसे अच्छे से उबलने दे जब तक की पानी आधा न रह जाए. आखिर में पानी आधा हो जाने पर स्वाद के लिए आप इसमें थोड़ी सी शहद भी मिला दें, इसके बाद आप इसका सेवन कर सकते हैं. नियमित रूप से रोजाना इसका सेवन करने से बुखार में लाभ होता हैं.

“बुखार के वक्त टमाटर का सूप पिने से बहुत लाभ होता हैं, यह सूप शरीर में पनप रहे ख़राब पदार्थों को ख़त्म करने में बहुत मदद करता हैं. इसलिए बुखार के समय रोजाना टमाटर का सूप पिए”

बुखार में खांसी होने पर

अगर आपको बुखार के साथ-साथ तेज खांसी भी चल रही हैं तो आप यह उपाय आजमाए. सबसे पहले 1-2 चम्मच हल्दी लें अब गैस जलाये और उसपर रोटी बनाने का तवा रख दें जब तवा गर्म होने लगे तो उसपर 1-2 चम्मच हल्दी डाल दें और हल्दी को अच्छे से सेंके. जब हल्दी हलकी-हलकी काली पढ़ने लगे तो उसे तवे पर से उतार लें इसे एक तरफ रख दें और अब 1 ग्लास में पानी लें और इसे हल्का गुन-गुना गर्म कर लें अब आखिर सिंकी हुई हल्दी को एक साथ फांक लें मुंह में रख लें और ऊपर से यह गुन-गुना गर्म पानी पि जाए. इस प्रयोग को 2-3 तक करने मात्रा से तेज से तेज खांसी भी शांत हो जाती हैं.

सर्दी लग कर आया बुखार

अगर किसी को सर्दी जुकाम से बुखार आया हो या बुखार में सर्दी जुकाम ज्यादा हो रही हो तो उन्हें यह प्रयोग जरूर करना चाहिए. थोड़ी सी पोदीना, 6 कालीमिर्च के दाने और थोड़ा सा नमक इन सभी को एक 2 कप पानी में डालकर अच्छे से उबाले जब पानी आधा रह जाए, यानी एक कप जितना रह जाए तो इसे रोगी को पिने के लिए दे दें. इसको पिने से सर्दी लग कर आया बुखार दूर हो जायेगा खांसी जुकाम सब खत्म हो जायेंगे.

इसके अलावा जब सर्दी लग कर बुखार आये तो थोड़े से अदरक को बारीक पीसकर उसके रस को एक आधी चम्मच शहद में मिलाकर रोगी को रात को सोने से पहले व सुबह उठने के बाद तीन चार दिन तक दें. इस उपाय को कारण सर्दी से आया हुआ बुखार वयस्क व छोटे बच्चों का बुखार का इलाज हो जाता हैं . यह बहुत ही आसान व सरल सा प्रयोग हैं .

बुखार से बचने के उपाय

  1. बुखार के समय रोगी को आराम करना चाहिए व बाहरी हवा में ज्यादा घूमना फिरना नहीं चाहिए
  2. रोगी को भरपूर मात्रा में पानी पीते रहना चाहिए, ऐसा करने से शरीर की प्रणाली सही चलती रहती हैं व शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थ भी बाहर निकलते रहते हैं.
  3. सामान्य चाय न पिए इसके बदले आप अदरक की चाय, पुदीना की चाय पि सकते हैं.
  4. अगर आप स्नान करना चाहते हो तो सिर्फ गर्म पानी से ही स्नान करे.
  5. किसी व्यक्ति को बुखार आया हो तो उसका झूठा नहीं खाना चाहिए

बुखार में भोजन

सात्विक भोजन करे ज्यादा तेज मिर्च मसालों वाला भोजन न करे, बाहर का भोजन न करे, फ़ास्ट फूड्स से बचे, तली गली चीजों के सेवन से भी बचे. बुखार में सादा आहार लें जैसे दाल रोटी, मूंग की दाल, दलिया, खिचड़ी, फलों का रस, अंगूर, सेब, मुनक्का, दूध, अंडे आदि का सेवन करे इस बारे में और अधिक जानने के लिए यह पढ़ें

बुखार में इन बातों पर दे ध्यान

  1. भूखे पेट न रहे, इससे शरीर में ज्यादा कमजोरी आएगी
  2. ठन्डे पानी से न नाहये
  3. तम्बाकू, स्मोकिंग, अल्कोहल से दूर रहे
  4. मांसाहारी भोजन न करे
  5. तली गली चीजे, ज्यादा मिर्च मसालों के भोजन से बचे
  6. बाहर की हवा न घूमे
  7. बताये गए आयुर्वेदिक नुस्खों को अपनाने के बाद 45 मिनट तक पानी न पिए

ऊपर दी गई बातो को अवश्य ध्यान दें. क्युकी बुखार कोई छोटी समस्या नहीं है. कभी कभी Normal Fever भी लापरवाही बरतने के कारण जानलेवा हो जाता है बुखारके प्रकार भी बहुत हैं. इसलिए नज़र अंदाज़ करने की भूल न करें. क्युकी मलेरिया भी एक बुखार ही है और इस बुखार का आना एक बड़ी समस्या है. इसीलिए घरेलु उपचारों के साथ साथ चिकित्सक से सलाह ज़रूर लें. मलेरिया के घरेलू उपचार भी आपके लिए अधिक उपयोगी रहेंगे.

इस तरह अगर आप इन सभी बातों पर ध्यान देंगे तो आपके बुखार का इलाज बड़ी आसानी से हो जायेगा यह घरेलु नुस्खे व उपाय remedies for high fever treatment in Hindi language बुखार उतारने के उपचार में बहुत फायदेमंद साबित होती हैं. बस इनका बताई गई विधि अनुसार प्रयोग करे व परहेज का भी ध्यान रखे. सही खानपान व परहेज से पुराना बुखार, तेज बुखार आदि को भी जल्द ही मिटाया जा सकता हैं.

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Yasir Khan Saqlaini

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